बचपन की यादें


Childhood_Memories_apps_axath




किसी भी व्यक्ति के लिए बचपन एक ऐसी अवस्था है जिसको वह कभी नही भुला सकता है यहाँ तक कि वह अपनी इस अवस्था के कईं रूपों को बार बार याद करता है। में अपने बचपन को बहुत याद करता हूँ। जब कहीं दूर से किसी प्यारे से पुराने गीत की आवाज कानों मे पड़ती है तो मन पहुच जाता है पुराने दिनों मे,पुराने दोस्तो के बीच मे जब हम बहुत छोटे थे और किसी तरह की कोई परेशानी या टेंशन नही हुआ करती थी। गाँव मे बहुत मन लगता था,चारो तरफ हरे भरे पेड़ हुआ करते थे हरे जंगल चारो तरफ लहराया करते थे,नदी मे नहाने जाया करते थे सब बच्चे इक्कट्ठे होकर। सिर्फ मासूमियत और ईमानदारी थी उस वक्त। मुझे याद रहा है की हमारे चाचा हमको कहानी सुनाया करते थे। वो हमको एक गाना सुनाया करते थे जोकि अब में सुनता हूँ तो एकदम से अपने बचपन मे पहुच जाता हूँ उस गाने के बोल है,,आओ बच्चों तुम्हे एक कहानी सुनाता हूँ,शेर की कहानी सुनोगे?? चला जा रहा था में डरता हुआ हनुमान चालीस पढ़ता हुआ।।गाँव की जाने कितनी बाते है जो रह रह कर याद आती है,वो ट्युबवेल पे नहाने जाना और पूरा पूरा दिन नहाते ही रहना। 
Childhood_Memories_Apps_axath


जब हम गाँव से अपने छोटे से कस्बे देवबंद गए तो यहाँ से भी जाने कितनी प्यारी बाते और यादे जुड़ी है जो रह रह कर याद आती है हमको याद है उस वक्त हमारी कॉलोनी विकसित नही हुई थी पूरी कॉलोनी मे बस दो चार ही घर हुआ करते थे,यानी पूरी कॉलोनी हम बच्चों के लिए खेलने का मैदान हुआ करती थी। हम मिट्टी के घर बना के खेलते थे,हम पिकनिक मनाने जाया करते थे जोकि घर से बस कुछ कदमो दूर युकेलिपटिस के पेड़ो मे हुआ करती थी। वहां पे हम पतले पेड़ो के सिर तक चढ़ के नीचे को झूल जाय करते थे,इसका अपना अलग ही मज था। हम थोड़े बड़े हुए और हमारे खेल बदल गए हम क्रिकेट खेलने लग गए। स्कूल से आते ही बस्ता रख के तुरंत खेलने निकल जाते थे और अंधेरा होने तक बस खेलते ही रहते थे।
बचपन से जुड़ी हसीन यादे हर किसी के पास है हर कोईअपनी भागदौड़ भरी ज़िन्दगी से भागकर फिर से बचपन मे आना चाहता है जहां पे कोई टेंशन नही है कोई भ्रस्टाचार नही है। आप अपने से जुड़ी हसीन और भूलने वाली यादो को यहां पे कमेंट मे साझा करे

Comments

Popular Posts